ललितपुर। कोरोना वायरस से निपटने के लिए संदिग्ध मरीजों को अन्य व्यक्तियों से पृथक रखने के लिए आईसोलेशन वार्ड के साथ ही बुखार, खांसी, जुकाम के रोगियों की ओपीडी सेप्रेट कर दी गई। जिला अस्पताल स्थित ट्रामा सेंटर के पास बने आईसोलेशन वार्ड व फीवर ओपीडी का डीएम ने सोमवार को जायजा लिया।कोरोना वायरस को लेकर संदिग्ध व्यक्तियों को चौदह दिन अलग रखने के लिए जिला अस्पताल में दस बेड का आईसोलेशन वार्ड बनाया गया। आपरेशन थिएटर के पास स्थित इस आइसोलेशन वार्ड तक अन्य मरीजों व तीमारदारों की पहुंच आसान थी। जिसको ध्यान में रखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम व शासनस्तर के अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग अफसरों को आईसोलेशन वार्ड सेप्रेट स्थान पर हस्तांतरित किए जाने के निर्देश दिए। वहीं बुखार, खांसी, जुकाम व सर्दी से ग्रसित रोगियों के लिए भी अलग ओपीडी संचालित करने को कहा गया। विभागीय अधिकारियों ने अस्पताल अफसरों के साथ बैठक करके जिला अस्पताल स्थित ट्रामा सेंटर के पास आईसोलेशन वार्ड व फीवर ओपीडी बनाने का निर्णय लिया। आनन फानन में यहां बेड सहित विभिन्न जरूरी सामग्री रखवाई गई। भवन के विभिन्न कक्षों में पुताई करवाकर ब्लीचिंग का छिड़काव कराया गया। सोमवार को जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने इस नवीन आइसोलेशन वार्ड व फीवर ओपीडी का बारीकी से जायजा लिया। यहां मौजूद उपयोगी सामग्री के संबंध में विभागीय अफसरों से सवाल किए। कक्षों की खिड़किया बंद करवाने को कहा। इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि बुखार, खांसी, जुकाम व सर्दी के साथ सांस लेने में तकलीफ हो तो बिना विलंब करे चिकित्सक से संपर्क करें। जागरुकता के संबंध में उन्होंने बताया कि सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को इसके लक्षण व बचाव की जानकारी दी जा चुकी है। सभी लोग सावधानी बरतें, बचाव होता रहेगा। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक कैप्टन मिर्जा मंजर बेग, मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पांडेय, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. संजय बासवानी, डा. अमित चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
बुखार व खांसी के साथ सांस लेने में समस्या पर नहीं करें लापरवाही